ॐ सांई राम ये पंक्तिया मेरी नहीं, जाने कहा से आई है, ये मेरे साईं ने दी है, उसने खुद लिखवाई है | मेरी औकात ही क्या है, जो कुछ मैं लिखूँ या मैं बोलूँ , ये साईं ने ही खुद ही हैं, उसने खुद लिखवाई है || ये पंक्तिया मेरी नहीं, जाने कहा से आई है, ये मेरे साईं ने दी है, उसने खुद लिखवाई है | सुना है मेने साईं जी, सभी के मन में बसते है, वो दुःख में साथ रोते है, वो सुख में सँग हस्ते है | ये हैं जज्बात सुख-दुःख की, ये हैं एहसास सुख दुःख की, ये साईं ने ही भेजी है, ये मेरे में आई है || ये पंक्तिया मेरी नहीं, जाने कहा से आई है, ये मेरे साईं ने दी है, उसने खुद लिखवाई है | सुना है कर्म करने को, प्रभु ज़रिया बनता है, है करता वो ही सबकुछ है, पर सामने न आता है || है मुमकिन हाथ-जीभ मेरी, बनाई हो उसने ज़रिया, ये लिखने वाला भी वो है, ये बोलने वाला साईं है || ये पंक्तिया मेरी नहीं, जाने कहा से आई है, ये मेरे साईं ने दी है, उसने खुद लिखवाई है | शुक्रगुजार हु साईं का, मुझे इस काबिल जो समझा, मैं शुक्रगुजार हु आपका भी, जो इतनी इज्ज़त को बख्शा | मैं गुनाहगार हु पहले, जो कोई गुस्ताखी हुई हो, मैं जर्रा आफताब वो है, मैं 'दास' वो मेरा साईं है|| ये पंक्तिया मेरी नहीं, जाने कहा से आई है, ये मेरे साईं ने दी है, उसने खुद लिखवाई है | VISIT BLOG &FWD TO YOUR FRIENDS GO THROUGH THE I LAND POSTS ramajayamgomati.blogspot.com RAMNATH |
OM SAIRAM Always be happy always wear a smile..not because life is full of reasons to smile but ur smile itself is the reason for many others to smile YOU MAY VISIT&FWD TO YOUR FRIENDS &GIVE ME FEED BACK, ramajayamgomati.blogspot.com Please do visit my blog and see what I have posted. Comments are requested THANKS REGARDS OM-SAIRAM
Sunday, October 23, 2011
आओ साईं - आप सभी को दीपावली की हार्दिक शुभ कामनाएं ... ॐ साईं राम
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